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राहु का मकर राशि में प्रवेश: संपूर्ण विश्लेषण 20 जुलाई 2026 को राहु मकर राशि में गोचर करेंगे। यह गोचर 18 वर्ष 7 माह 15 दिनों तक रहेगा, अर्थात 5 फरवरी 2045 तक। मकर राशि राहु के लिए न्यूनतम बलवान राशि मानी जाती है, क्योंकि यह राहु की उच्च राशि (उच्च स्थान) है। आइए जानते हैं इस गोचर का जातकों पर क्या प्रभाव होगा। 1. राहु की मकर राशि स्थिति का वर्गीकरण राहु की मकर राशि में स्थिति को निम्न प्रकार से वर्गीकृत किया जा सकता है: उच्च राशि: राहु को मकर राशि उसकी उच्च राशि मानी जाती है। उच्च राशि में ग्रह अपने पूर्ण बल का 100% प्राप्त करता है। (BPHS 3. 42) स्वामित्व संबंध: राहु को मकर राशि का स्वामी माना जाता है, लेकिन चूंकि राहु स्वयं एक छाया ग्रह है, इसलिए इस स्थिति में इसकी शक्ति में कमी रहती है। त्रिकोण भाव: मकर राशि राहु के लिए त्रिकोण भाव (धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष में से मोक्ष) में आती है, जिससे यह जीवन के आध्यात्मिक और कर्म संबंधी क्षेत्रों में प्रभावकारी रहता है। नवांश स्थिति: नवांश में राहु की स्थिति जातक के आध्यात्मिक विकास और पूर्व जन्म के कर्मों को दर्शाती है। 2. व्यक्तित्व और जीवन क्षेत्रों पर प्रभाव मकर राशि में स्थित राहु जातक के व्यक्तित्व और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों पर निम्न प्रभाव डालता है: व्यक्तित्व: जातक अत्यंत महत्वाकांक्षी और लक्ष्य-उन्मुख होता है। वह अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए अथक परिश्रम करता है। उसमें नेतृत्व क्षमता होती है, लेकिन वह दूसरों पर हावी होना चाहता है। उसका व्यवहार ठंडा और गणितीय होता है। वह भावनाओं को नियंत्रित रखना पसंद करता है। जीवन क्षेत्र: करियर: जातक को सरकारी नौकरी, कानून, प्रशासन, या तकनीकी क्षेत्रों में सफलता मिलती है। वित्त: धन संचय की प्रवृत्ति होती है, लेकिन अनावश्यक खर्च भी किया जाता है। स्वास्थ्य: जोड़ों, हड्डियों, या तंत्रिका तंत्र से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। विवाह: वैवाहिक जीवन में उतार-चढ़ाव देखे जा सकते हैं। राहु मकर राशि में कर्म, नियम और अनुशासन के क्षेत्र में कार्य करता है। जातक को अपने कर्मों का फल भोगने के लिए तैयार रहना चाहिए। 3.
20 जुलाई 2026 को राहु मकर राशि में गोचर करेंगे। यह गोचर 18 वर्ष 7 माह 15 दिनों तक रहेगा, अर्थात 5 फरवरी 2045 तक। मकर राशि राहु के लिए न्यूनतम बलवान राशि मानी जाती है, क्योंकि यह राहु की उच्च राशि (उच्च स्थान) है। आइए जानते हैं इस गोचर का जातकों पर क्या प्रभाव होगा।
राहु की मकर राशि में स्थिति को निम्न प्रकार से वर्गीकृत किया जा सकता है:
मकर राशि में स्थित राहु जातक के व्यक्तित्व और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों पर निम्न प्रभाव डालता है:
राहु मकर राशि में कर्म, नियम और अनुशासन के क्षेत्र में कार्य करता है। जातक को अपने कर्मों का फल भोगने के लिए तैयार रहना चाहिए।
मकर राशि में स्थित राहु जातक के करियर पर निम्न प्रभाव डालता है:
राहु मकर राशि में जातक को अत्यंत मेहनती और लक्ष्य-उन्मुख बनाता है। उसे अपने करियर में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करना होगा।
मकर राशि में स्थित राहु वैवाहिक जीवन और संबंधों पर निम्न प्रभाव डालता है:
राहु मकर राशि में जातक को अत्यंत महत्वाकांक्षी और नियंत्रित बनाता है। उसे अपने वैवाहिक जीवन में संतुलन बनाए रखना होगा।
मकर राशि में स्थित राहु जातक के जीवन में विभिन्न दशाओं के दौरान निम्न प्रभाव डालता है:
राहु मकर राशि में जातक के जीवन में विभिन्न दशाओं के दौरान अत्यंत महत्वाकांक्षी और लक्ष्य-उन्मुख बनाता है। उसे अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करना होगा।
यदि राहु मकर राशि में जातक के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति उत्पन्न करता है, तो निम्न उपाय किए जा सकते हैं:
उपाय करते समय जातक को नियमितता और सच्ची श्रद्धा रखनी चाहिए। केवल बाहरी कर्मों से ही नहीं, बल्कि आंतरिक शुद्धि पर भी ध्यान देना चाहिए।
ऊपर का लेख सामान्य स्थिति का है। आपकी कुंडली विशिष्ट है — कैरियर का समय, रिश्ते, स्वास्थ्य, जो भी पूछना चाहें।
अपनी कुंडली से पूछें →हाँ, राहु को मकर राशि उसकी उच्च राशि माना जाता है। उच्च राशि में ग्रह अपने पूर्ण बल का 100% प्राप्त करता है। (BPHS 3.42) हालांकि, चूंकि राहु स्वयं एक छाया ग्रह है, इसलिए इसकी शक्ति में कुछ कमी रहती है।
राहु मकर राशि में जातक को सरकारी नौकरियों, कानून, प्रशासन, तकनीकी क्षेत्रों, और प्रतिस्पर्धात्मक क्षेत्रों में सफलता दिलाता है। जातक अत्यंत महत्वाकांक्षी और लक्ष्य-उन्मुख बनता है। (Phaladeepika 7.14)
हाँ, राहु मकर राशि में विवाह में देरी या वैवाहिक जीवन में उतार-चढ़ाव उत्पन्न कर सकता है। जातक को अपने वैवाहिक जीवन में संतुलन बनाए रखना होगा। (BPHS 4.22)
राहु मकर राशि में जातक के जोड़ों, हड्डियों, या तंत्रिका तंत्र से संबंधित समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। जातक को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
राहु मकर राशि में जातक को ओम रां राहवे नमः या ओम श्रीं श्रीं क्लीं क्लीं राहवे नमः मंत्र का जाप करना चाहिए। रोजाना 108 बार मंत्र का जाप करना लाभकारी होता है।
नहीं, राहु मकर राशि में जातक के लिए अशुभ फल नहीं देता। हालांकि, यदि जातक अत्यधिक महत्वाकांक्षी हो जाता है, तो उसे मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। (BPHS 3.45)
राहु मकर राशि में जातक को काले तिल, काले वस्त्र, काले पशुओं को चारा खिलाने, राहु मंत्र का जाप, राहु यंत्र की पूजा, और नीले नीलम को धारण करने जैसे उपाय करने चाहिए।
राहु मकर राशि में जातक के वैवाहिक जीवन में संतुलन आता है, लेकिन उसे अपने जीवनसाथी के प्रति धैर्य रखना होगा। अत्यधिक नियंत्रण या कठोरता वैवाहिक जीवन में तनाव उत्पन्न कर सकती है। (Phaladeepika 8.12)
राहु मकर राशि में जातक को सरकारी नौकरियों, कानून, प्रशासन, तकनीकी क्षेत्रों, प्रतिस्पर्धात्मक क्षेत्रों, और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के क्षेत्रों में सफलता मिलेगी।
मंगल (मंगल) की दशा में राहु जातक को प्रतिस्पर्धात्मक क्षेत्रों में सफलता दिलाता है, लेकिन वैवाहिक जीवन में तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। (BPHS 4.47)
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